लखनऊ, 28 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह युवाओं को पारंपरिक नौकरी की तलाश तक सीमित रहने के बजाय टैक्सी, ई-रिक्शा या अन्य स्वरोजगार के विकल्प अपनाने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं। यह बयान 23 सितंबर को लखनऊ में आयोजित ‘भारत टैक्सी’ सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम से जुड़ा बताया जा रहा है।
क्या कहा ब्रजेश पाठक ने?
वायरल वीडियो में ब्रजेश पाठक युवाओं और वाहन चालकों को संबोधित करते हुए अपनी गाड़ी चलाकर कमाई करने और परिवार के साथ समय बिताने की बात करते नजर आते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने नौकरी के बजाय अपना काम करने को लेकर उदाहरण दिया और कहा कि व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार कुछ घंटे वाहन चलाकर कमाई कर सकता है तथा परिवार के लिए भी समय निकाल सकता है।
हालांकि सोशल मीडिया पर प्रसारित छोटे वीडियो क्लिप में बयान का एक हिस्सा ज्यादा चर्चा में है, वहीं उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कार्यक्रम का संदर्भ भारत टैक्सी से जुड़े ड्राइवरों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना था। NDTV की फैक्ट-चेक रिपोर्ट के मुताबिक वायरल वीडियो वास्तविक है और यह लखनऊ में भारत टैक्सी के लॉन्च कार्यक्रम का है, जहां बड़ी संख्या में ड्राइवर मौजूद थे।
23 सितंबर को हुआ था भारत टैक्सी का शुभारंभ
लखनऊ में 23 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत टैक्सी सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया था। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत प्रदेश सरकार के कई मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। इसके साथ ही गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी सेवा शुरू किए जाने की जानकारी केंद्र सरकार ने दी।
भारत टैक्सी को सहकारी मॉडल पर आधारित डिजिटल राइड-हेलिंग सेवा के रूप में पेश किया गया है। उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार, सेवा का उद्देश्य ड्राइवरों को सहकारी व्यवस्था के माध्यम से जोड़ना है।
ड्राइवरों के लिए क्या है भारत टैक्सी मॉडल?
भारत टैक्सी के लॉन्च से संबंधित रिपोर्टों में ड्राइवर-ओनर मॉडल, कमीशन व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा जैसे प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। उत्तर प्रदेश में सेवा के शुरुआती संचालन को लेकर रिपोर्टों में चालकों के लिए पांच लाख रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा का भी उल्लेख है।
सरकार की ओर से इसे रोजगार और स्वरोजगार के एक वैकल्पिक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम में भारत टैक्सी से जुड़े चालकों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।
सोशल मीडिया पर क्यों बढ़ा विवाद?
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर ब्रजेश पाठक के बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ प्रतिक्रियाओं में उनके बयान को स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली सलाह के रूप में देखा जा रहा है, जबकि कुछ लोगों और विपक्षी नेताओं ने इसे नौकरी और युवाओं के रोजगार के सवाल से जोड़कर आलोचना की है।
समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने भी सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर प्रतिक्रिया दी है।
नौकरी बनाम स्वरोजगार की बहस फिर चर्चा में
ब्रजेश पाठक का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब युवाओं के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर, प्रतियोगी परीक्षाएं और स्वरोजगार लगातार सार्वजनिक चर्चा के विषय बने हुए हैं।
एक तरफ स्वरोजगार को आय का वैकल्पिक साधन माना जाता है, वहीं दूसरी ओर नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए स्थायी रोजगार, वेतन, सामाजिक सुरक्षा और करियर विकास जैसे मुद्दे अलग महत्व रखते हैं। इसलिए वायरल बयान ने केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया ही नहीं, बल्कि नौकरी और स्वरोजगार के बीच विकल्पों को लेकर व्यापक बहस को भी सामने ला दिया है।
DIT Media Network की बात
वायरल वीडियो के संदर्भ में उपलब्ध रिपोर्टों से यह स्पष्ट होता है कि बयान 23 सितंबर के भारत टैक्सी लॉन्च कार्यक्रम के दौरान दिया गया था। सोशल मीडिया पर प्रसारित छोटे क्लिप को पूरे कार्यक्रम के संदर्भ के साथ देखना जरूरी है। बयान को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हैं, इसलिए पाठकों के लिए मूल वीडियो और पूरे संदर्भ को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।
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