बहराइच, उत्तर प्रदेश: शहर में मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित होटल अवध कैलाश के एक कमरे में महिला और युवक के शव मिलने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान गौतमबुद्ध नगर निवासी पिंकी और श्रावस्ती निवासी रिंकू (27) के रूप में हुई है। विभिन्न रिपोर्टों में पिंकी की उम्र 42 से 46 वर्ष के बीच बताई गई है। दोनों अलग-अलग जिलों के रहने वाले थे।
होटल के कमरे में मिले दोनों के शव
जानकारी के अनुसार, दोनों 22 सितंबर से होटल में ठहरे हुए थे। होटल कर्मचारियों के मुताबिक, दोनों ने बहराइच आने की अलग-अलग वजहों की जानकारी दी थी। गुरुवार को सुबह के बाद कमरे से कोई गतिविधि नहीं दिखी। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर होटल कर्मचारियों को संदेह हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस के पहुंचने के बाद कमरे का दरवाजा खुलवाया गया, जहां दोनों के शव मिले। शुरुआती पुलिस जांच में दोनों के फंदे से लटके होने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
एसपी समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने होटल के कमरे और रिकॉर्ड की जांच की। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए।
पुलिस होटल के रजिस्टर, ठहरने से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध जानकारी की जांच कर रही है। दोनों के बीच संबंध और होटल में ठहरने की परिस्थितियों को लेकर भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।
मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं
पुलिस के अनुसार, फिलहाल मौत के कारण की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
घटना के बाद होटल और आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और जांच प्रक्रिया शुरू की।
DIT Media Network मामले से जुड़े आधिकारिक पुलिस अपडेट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर नजर बनाए हुए है। नई जानकारी सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
नोट: इस मामले में मौत का कारण अभी जांच का विषय है। इसलिए किसी निष्कर्ष को पुलिस या पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पुष्टि से पहले अंतिम तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
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